RPWD अधिनियम 2016 क्या है, विशेषताएँ RPWD Act 2016 in Hindi

RPWD अधिनियम 2016 क्या है, विशेषताएँ RPWD Act 2016 in Hindi

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख RPWD अधिनियम 2016 क्या है, विशेषताएँ (RPWD Act 2016 in Hindi) में।

दोस्तों इस अधिनियम को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016, विकलांगजन अधिनियम 2016 आदि कई नामों से जाना जाता है, तो आइये दोस्तों जानते है महत्वपूर्ण तथ्यों के साथ RPWD अधिनियम 2016:-

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RPWD अधिनियम 2016 क्या है

RPWD अधिनियम 2016 क्या है? RPWD Act 2016 in Hindi

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 भारत सरकार द्वारा विकलांगजन अधिनियम 1995 का विस्तृत रूप है. विकलांगजन अधिनियम विधेयक 2016 में भारत सरकार द्वारा पारित किया गया और और इसने विकलांगजन अधिनियम 1995 का स्थान लिया।

विकलांगजन अधिनियम 1995 को आधार मानकर इसमें विभिन्न प्रकार के परिवर्तन किए गए तथा नया विकलांगजन अधिनियम एक्ट 2016 लाया, जिसको राज्यसभा के द्वारा 14 दिसम्बर 2016 को पारित किया गया लोकसभा द्वारा द्वारा 17 दिसम्बर 2016को पारित कर राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 30 दिसम्बर 2016 से लागू कर दिया गया। 

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की विशेषताएँ Features of the Rights of Persons with Disabilities Act, 2016

  • विकलांगजन अधिनियम 2016 के अंतर्गत विकलांगता को एक विकसित और गतिशील अवधारणा के रूप में परिभाषित किया गया।
  • विकलांगजन अधिनियम 1995 में पहले 7 विकलांगता के प्रकार थे, अब विकलांगजन अधिनियम 2016 में यह 7 से बढ़कर 21 कर दिए गए हैं, जबकि केंद्र सरकार के पास यह अधिकार होगा, कि वह अन्य विकलांगता के प्रकारों को भी इसमें जोड़ सकता है।

RPWD अधिनियम 2016 21 विकलांगता

  1. अंधापन
  2. कुष्ठ रोग से पीड़ित
  3. लोकोमोटर विकलांगता
  4. बौद्धिक विकलांगता
  5. मस्कुलर डिस्ट्रॉफी
  6. ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार
  7. विशिष्ट सीखने की अक्षमता
  8. भाषा और भाषा विकलांगता
  9. हीमोफीलिया
  10. पार्किंसन रोग
  11. बहरापन सहित कई विकलांगताएं
  12. कम दृष्टि बाधित लोग
  13. सुनने में कठिनाई
  14. बौनापन
  15. मानसिक बीमारी
  16. सेरेब्रल पॉलिसी
  17. जीर्ण तंत्र का संबंधी रोग
  18. मल्टीपल स्क्लेरोसिस
  19. थैलेसीमिया
  • दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में पहली बार भाषा विकलांगता सीखने की विकलांगता के साथ ही एसिड अटैक, बैक्टिज्म, बौनापन, पेशीय विकलांगता  आदि को शामिल किया गया है, जबकि रक्त संबंधी तीन प्रकार थैलेसीमिया, हीमोफीलिया और सिकल सेल रोग को भी शामिल किया गया है।
  • दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अनुसार केंद्र सरकार को यह शक्ति प्राप्त है, कि वह अन्य श्रेणी को निर्दिष्ट करके विकलांगता की सूची में जोड़ सकता है।
  • विकलांगजन अधिनियम 2016 के अंतर्गत यह भी बताया गया,  कि उपर्युक्त सरकार यह जिम्मेदारी लेगी कि विकलांग व्यक्ति दूसरों के साथ पूरी तरीके से अपने अधिकारों का आनंद लेते हुए जीवन यापन कर सकें।
  • उच्च शिक्षा सरकारी नौकरियों में आरक्षण भूमी के आवंटन में आरक्षण के साथ ही गरीबी उन्मूलन योजना  जैसे अतिरिक्त लाभ बेंचमार्क विकलांग व्यक्तियों और उच्च समर्थन आवश्यकताओं वाले व्यक्तियों के लिए यह अधिनियम वकालत करता है।
  • इस अधिनियम के द्वारा 6 से 18 वर्ष की आयु के बीच बेंचमार्क विकलांगता वाले प्रत्येक बच्चे को नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार प्राप्त होगा, जबकि बेंचमार्क विकलांगता वाले कुछ के लिए सरकारी प्रतिष्ठान और संस्थानों में आरक्षण 3% से बढ़कर 4% कर दिया गया।
  • सरकारी वित्त पोषित संस्थाओं शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ मान्यता प्राप्त और सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थानों में विकलांग बच्चों को समावेशी शिक्षा के द्वारा शिक्षा प्रदान की जाएगी।
  • प्रधानमंत्री सुलभ भारत अभियान को मजबूत स्थिति देने के लिए तथा निर्धारित समय के अंतर्गत सार्वजनिक भवनों में पहुंच सुनिश्चित करने के लिए तनाव दिया जाएगा।
  • इस अधिनियम के अंतर्गत यह भी शामिल किया गया, कि विकलांगता पर व्यापक आधारित केंद्रीय और राज्य सरकार सलाहकार बोर्ड केंद्र स्तर पर और राज्य स्तर पर विभिन्न प्रकार की नीतियाँ बनाएंगे तथा विकलांगता के उन्मूलन में काम करेंगे।
  • विकलांग व्यक्तियों के मुख्य आयुक्त के कार्यालय को मजबूत किया जाएगा, जिनमें दो आयुक्त और एक सलाहकार समिति द्वारा सहायता प्रदान होगी, जिनमें विभिन्न विकलांगों में विशेषज्ञों से 11 से अधिक सदस्य नहीं होंगे, जबकि राज्य आयुक्तों के कार्यालय को भी मजबूत किया जाएगा, जिन्हें एक सलाहकार समिति द्वारा सहायता प्रदान होगी और इसमें विभिन्न विकलांगों में विशेषज्ञों से 5 से अधिक सदस्य नहीं होंगे।
  • विकलांग व्यक्तियों के लिए मुख्य आयुक्त और राज्य आयुक्त नियामक निकायों और शिकायत निवारण एजेंशियों के रूप में कार्य करेंगे और अधिनियम के कार्यान्वयन की निगरानी भी करते रहेंगे।
  • विकलांगता से संबंधित विभिन्न प्रकार की शिकायतों और चिताओं को दूर करने के लिए राज्य सरकार को यह भी अधिकार प्राप्त होगा, कि वह जिला स्तरीय समितियों का गठन करें और संविधान तथा ऐसी समितियां के कार्यों का निर्वाह विवरण नियमन राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित होगा।
  • विकलांग व्यक्तियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय और राज्य को इसका निर्माण किया जाएगा तथा विकलांगों के लिए मौजूदा राष्ट्रीय कोष और विकलांग व्यक्तियों के लिए सशक्तिकरण के लिए ट्रस्ट फंड को राष्ट्रीय कोष के साथ सदस्यता दी जाएगी।
  • विकलांग जन अधिनियम 2016 के अंतर्गत विकलांग व्यक्तियों के खिलाफ किए गए अपराधों के लिए दंड का प्रावधान होगा तथा नए कानून के प्रावधानों का भी उल्लंघन माना जाएगा।
  • विकलांग लोगों के अधिकारों के संदर्भ में तथा उल्लंघन के संदर्भ में विभिन्न प्रकार के मामले तथा शिकायतों से संबंधित प्रत्येक जिले में एक विशेष न्यायालय की स्थापना होगी।
  • विकलांग जन अधिनियम 2016 हमारे कानून को विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों के संयुक्त राष्ट्रीय सम्मेलन के अनुरूप लेगा इसके लिए भारत हस्ताक्षरित है यह UNCRD के संदर्भ में भारत को और दायित्व को पूरा करेगा। इसके अलावा यह कानून न केवल दिव्यांगजन के अधिकारों और प्रवेश को बढ़ाएगा, बल्कि संतोषजनक तरीकों से समाज में उनके सशक्तिकरण और सच्चे समावेश को सुनिश्चित करेगा।

दोस्तों यहाँ पर आपने RPWD अधिनियम 2016 क्या है, विशेषताएँ (RPWD Act 2016 in Hindi) में। दोस्तों इस अधिनियम को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016, विकलांगजन अधिनियम 2016 आदि कई महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में पड़ा। आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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