विटामिन का वर्गीकरण Classification of Vitamin

विटामिन का वर्गीकरण Classification of Vitamin 

विटामिन जो हमारे शरीर को पोषण तो नहीं देते किन्तु पोषक तत्वों में शामिल किये जाते है, कियोकि इनका काम शरीर को विभिन्न रोगों से बचाना होता है।

इसलिए यहाँ पर विटामिन का वर्गीकरण (Classification of Vitamin) समझाया गया है और बताया गया है विटामिन क्या होते है। तो दोस्तों पढ़ते रहें यहाँ पर विटामिन का वर्गीकरण:-

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विटामिन का वर्गीकरण

विटामिन किसे कहते हैं What is vitamin

विटामिन बे कार्बनिक पदार्थ (Organic) होते हैं, जो कार्बन, हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन के सहयोग से मिलकर बने होते हैं। दूसरे तौर पर यह हमारे भोजन के पोषक तत्वों में से एक प्रमुख घटक माने जाते हैं तथा हमारे शरीर के विभिन्न रोगों को दूर करने के लिए तथा शरीर में विभिन्न प्रकार की

क्रियाओं का नियमन और नियंत्रण करने के लिए जाने जाते हैं, इसीलिए सभी व्यक्तियों को अपने शरीर को स्वस्थ तथा रोगों से बचाने के लिए विटामिन का सेवन प्रचुर मात्रा में करना चाहिए।  

विटामिन का वर्गीकरण Classification of Vitamin 

विटामिन कई प्रकार के होते हैं, जिन्हें घुलनशीलता के आधार पर निम्न दो प्रकारों में बांटा गया है:- 

जल में घुलनशील विटामिन Water soluble vitamin 

विटामिन जो जल में घुल जाते हैं, उनको जल में घुलनशील विटामिन कहा जाता है. इसके अंतर्गत विटामिन बी और विटामिन सी आते हैं।

विटामिन बी Vitamin-B

विटामिन बी विटामिन बी कांपलेक्स का एक समूह होता है, जिसके अंतर्गत प्रमुख विटामिन आते हैं, जिनमें विटामिन b1 को थायमीन विटामिन B2 को राइबोफ्लेविन विटामिन विटामिन B3 को नियासीन   विटामिन B5 पैंटोथैनिक एसिड विटामिन बी 6 को पायरीडॉक्सन विटामिन b7 ko बायोटिन बी 9 को फोलिक एसिड बी 12 सायनोकोबाल्मीन कहा जाता है। यह सभी विटामिन जल में घुलनशील विटामिन होते हैं तथा विभिन्न प्रकार के रोगों के लिए उत्तरदाई होते हैं।

विटामिन B1 :- विटामिन B1 का रासायनिक नाम थायमिन है, जिसकी कमी से वेरी-वेरी नामक रोग हो जाता है। विटामिन B1 के कई स्रोत है, जिनमे खमीर, गाजर, गेहूं, चावल, दूध समुद्री भोजन सोयाबीन आदि प्रमुख रूप से माने जाते हैं।

विटामिन B2 :- विटामिन बी2 का रासायनिक नाम राइबोफ्लेविन है। यह एक महत्वपूर्ण विटामिन है जो कार्बोहाइड्रेट के उपापचय में भाग लेता है, किन्तु इसकी कमी से शरीर के भार में कमी आ जाती है। विटामिन बी2 ईस्ट अंडा मांस हरी सब्जियाँ इत्यादि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

विटामिन B3 :- विटामिन B3 का रासायनिक नाम नियासिन है, जिसकी कमी होने से पेलाग्रा नामक रोग हो जाता है, तथा मानसिक और पाचन संबंधी विकार देखने को मिलते हैं। विटामिन बी 3 अंकुरित गेहूं, आलू, अनाज की बाहरी परत बादाम टमाटर पत्तीदार सब्जियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

विटामिन B6 :- विटामिन B6 का रासायनिक नाम पारिडॉक्सिन है। यह विटामिन शरीर की वृद्धि तथा विकास के लिए आवश्यक माना जाता है। विटामिन बी6 कमी से एनीमिया (Anemea) नामक रोग हो जाता है तथा व्यक्ति का वृद्धि तथा विकास रुक जाता है। विटामिन बी6 हरी सब्जियाँ मास कलेजी इत्यादि में प्रचुर मात्रा में मिलता है।

विटामिन B7 :- विटामिन बी7 का रासायनिक नाम बायोटीन है। यह विटामिन शरीर में विभिन्न उपापचय क्रियाओं के लिए उत्तरदाई माना जाता है, इसकी कमी से साल की मांसपेशियों में दर्द कमजोरी भूख न लगना रक्त की कमी हो जाती है। यह विटामिन सबसे अधिक ईस्ट अंडा मांस मछली दाल में प्रचुर मात्रा में मिलता है।

विटामिन B9 :- विटामिन B9 का रासायनिक नाम फोलिक एसिड होता है, जिसकी कमी से एनीमिया नामक रोग हो जाता है तथा आरबीसी (RBC) की कमी होने लगती है। यह विटामिन ईस्ट कलेजी हरी सब्जियाँ संतरा आदि में प्रचुर मात्रा में मिलता है।

विटामिन B12 :- विटामिन B12 का रासायनिक नाम साइनोकोबालामिन होता है। इस विटामिन की कमी से एनीमिया नामक रोग हो जाता है। विटामिन B12 में कोबाल्ट धातु पाई जाती है। यह विटामिन प्रचुर मात्रा में मांस फल दूध में पाया जाता है।

विटामिन सी Vitamin-C

विटामिन सी भी जल में घुलनशील विटामिन है, जिसका रासायनिक नाम एस्कोरबिक एसिड होता है। यह विटामिन हमारे मसूड़ों हृदय गति तथा पाचन तंत्र के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण विटामिन है। इस विटामिन की कमी से  स्कर्वी नामक रोग हो जाता है, इसलिए विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ, जिसमें सबसे अच्छे विटामिन सी के स्रोत सारे खट्टे फल जैसे कि नीबू संतरा मौसमी खरबूजा टमाटर आदि आते हैं का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए।

वसा में घुलनशील विटामिन Fat Soluble Vitamin 

विटामिन जो वसा में घुल जाते हैं, उनको वसा में घुलनशील विटामिन के नाम से जाना जाता है। जिसके अंतर्गत विटामिन ए, विटामिन डी, विटामिन ई, विटामिन के है, जिन्हें हम निम्न प्रकार से समझते हैं:- 

विटामिन ए Vitamin-A

विटामिन ए वसा में घुलनशील विटामिन है और यह सबसे अधिक वसायुक्त खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। विटामिन ए का रासायनिक नाम रेटिनोल होता है। विटामिन ए दो प्रकारों में देखने को मिलता है, रेटिनोल और कैरोटीन. रेटिनोल प्रकार का विटामिन हम पशु से प्राप्त होने वाले खाद पदार्थों से प्राप्त करते हैं, जबकि कैरोटीन नामक विटामिन हम वनस्पतियों तथा फलों से प्राप्त करते हैं। विटामिन ए की कमी से रतौंधी नामक रोग तथा आंखों की कई बीमारियां हो जाती हैं, शरीर की सामान वृद्धि रुक जाती है। इसलिए शरीर की वृद्धि तथा विकास आंखों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन ए का भरपूर मात्रा में प्रयोग करना चाहिए, जिसका सबसे उत्तम स्रोत गाजर होती है। इसके अलावा विटामिन ए अंडे या  दूध केले रतालू लहसुन मीठी नीम पत्ता गोभी पपीता कद्दू आम संतरा में भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

विटामिन डी Vitamin-D

विटामिन डी भी वसा में घुलनशील विटामिन होता है जिसका रासायनिक नाम कैलशिफेरोल है। विटामिन डी हमारे शरीर की हड्डियों तथा सामान्य वृद्धि के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका सबसे प्रमुख कार्य कैल्शियम और फास्फोरस के परिवहन को बनाए रखना होता है। विटामिन डी की कमी से सूखा नामक रोग हो जाता है, इस रोग में हड्डियां सूख जाती हैं तथा व्यक्ति का शरीर सूखकर कमजोर होने लगता है और अनियमित हड्डियाँ होकर उसका ढांचा शरीर दिखाई देता है। विटामिन डी की कमी से रिकेट्स नामक रोग भी हो जाता है, यह रोग उन बच्चों में अधिकतर देखने को मिलता है जिनको सूर्य का प्रकाश ठीक प्रकार से नहीं मिल पाता और यह 6 से 18 माह की आयु वाले बच्चों को अधिकतर हो जाता है। विटामिन डी की कमी से बड़े बुजुर्गों और महिलाओं में ओस्टियोमलेशिया नामक रोग हो जाता है, जिसमें हड्डियाँ कोमल हो जाती हैं और भंगूर होकर टूट जाते हैं। विटामिन डी की कमी के इन रोगों से बचने के लिए हमें विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना पड़ता है जिसमें सबसे अच्छे स्रोत यकृत का तेल मांस मछली अंडे का पीला भाग दूध आदि आते हैं।

विटामिन ई Vitamin-E

विटामिन ई भी वसा में घुलनशील विटामिन होता है, जिसका रासायनिक नाम टोकोफेरोल है। सामान्य रूप से इसका सबसे महत्वपूर्ण कार्य एंटीऑक्सीडेंट क है, जो अधिकतर प्रजनन कार्यों के लिए आवश्यक विटामिन माना जाता है। डी की कमी के कारण पुरुषों में स्पर्म बनने की क्रिया कम हो जाती है तथा नपुंसकता जैसी स्थिति उत्पन्न होने लगती है। रक्त में कमी भी इस विटामिन की कमी से देखने को मिलती है, इसीलिए यह विटामिन हमें प्रचुर मात्रा में लेना चाहिए, जो सबसे अधिक अंकुरित अनाजों में प्राप्त होता है।

विटामिन के Vitamin-K

विटामिन के भी एक वसा में घुलनशील विटामिन होता है, जो रक्त श्रावण रोकने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन के प्रोत्रांबिन निर्माण की क्रिया में मदद करता है और रक्त स्राव रोकने में सहायक होता है। विटामिन के प्रचुर मात्रा में हरी सब्जियों पत्ते वाली सब्जियों जैसे कि पालक पत्ता गोभी सलाद मूंग उड़द दाल आदि में देखने को मिलती है।

दोस्तों यहाँ पर आपने विटामिन का वर्गीकरण विटामिन का वर्गीकरण (Classification of Vitamin) उनके उपयोग रोग आदि पढ़ा, आशा करता हुँ आपको लेख अच्छा लगा होगा।

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